“दिल लगने तक” — एक ऐसा सफ़र, जो आँखों से शुरू होकर दिल तक पहुँचता है। ग़ज़ल की गहराई, मुक्तक की चमक, गीत की मधुरता और कविता की आत्मीयता का अद्भुत संगम इस संकलन में मिलता है। डॉ. विशाल कुमार विशेष ने बचपन की स्मृतियों, स्कूल-कॉलेज के जलसों और जीवन की कश्मकश को संवेदनशील शब्दों में पिरोकर पाठकों के सामने रखा है। इन रचनाओं में प्रेम और वियोग की नर्म शायरी से लेकर सामाजिक व्यवस्थाओं की सच्चाई तक का आईना झलकता है। “दिल लगने तक” — एक दस्तावेज़, जो शब्दों को अनुभवों में बदल देता है।
--
डॉ. विशाल कुमार विशेष का जन्म 23 मार्च 1979 को उत्तर प्रदेश के मेरठ क्षेत्र में हुआ। मेरठ से ही इन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की और पुष्प विज्ञान में डॉक्टरेट (Ph.D) की उपाधि हासिल की। वर्तमान में ये पंजाब के बठिंडा क्षेत्र में रहते हैं। बचपन से ही इन्हें दो विधाओं से गहरा प्रेम रहा है, एक तो रंग-बिरंगे फूलों को उगाने से, और दूसरा अपने मन की भावनाओं को शब्दों में ढालकर काग़ज़ पर उतारने से। जहाँ एक ओर इन्होंने पुष्प विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल करके अपने फूलों के प्रति प्रेम को शोध की ऊँचाई तक पहुँचाया, वहीं दूसरी ओर इनकी कलम बचपन से लेकर आज तक निरंतर चलती रही है, और भावनाओं को अभिव्यक्ति देती रही है। स्कूल-कॉलेज के दिनों से ही मशहूर शायरों और कवियों को पढ़ते और सुनते हुए, ये अपनी कलम को निरंतर निखारते रहे और अपने शौक को परवान चढ़ाते रहे। ये हिंदी साहित्य और ग़ज़ल के साथ-साथ उपन्यास लेखन में भी दक्ष हैं। इनका हिंदी उपन्यास “ऑपरेशन स्कैन” पहले से ही पाठकों के बीच उपलब्ध है। “दिल लगने तक” डॉ विशाल कुमार विशेष के चुनिंदा गीतों, ग़ज़लों, मुक्तकों और कविताओं का पहला संकलन है, जो अब आपके हाथों में है।
top of page
SKU: RM000160
₹199.00Price
bottom of page
