Rajmangal Publishers
नियम व शर्तें :- 

निम्न शर्तें/नियम पाठकों/क़िताब ख़रीदने वाले सभी लोगों पर लागू होंगे-

  1. ख़रीदी गई क़िताब अगर आप वापस करना चाहते हैं तो भुगतान की राशि वापस नहीं की जाएगी. अगर इनमें एक भी स्थिति आपके साथ होती है तो राशि पूर्ण रूप से वापिस कर दी जाएगी - क़िताब आपको भेजी ना गई हो, कोरियर आप तक पहुँचा ना पा रहा हो, स्टॉक ना होने पर ऑर्डर हो गया हो.

  2. अभ्रद/अश्लील टिप्पणी करने पर आपको साईट से ब्लॉक कर दिया जाएगा, साथ ही क़ानूनी कार्यवाही भी की जाएगी.

  3. ऑर्डर सम्बंधी किसी भी समस्या के लिए आप 7017993445 पर कॉल या Whatsapp कर सकते हैं. प्रकाशन के ईमेल rajmangalpublishers@gmail.com पर भी सम्पर्क किया जा सकता है

  4. कई बार भिन्न-भिन्न कारणों से क़िताब को पहुँचने में देरी हो जाती है. इसमें प्रकाशन के साथ आपको सहयोग करते रहना होगा.

  5. किसी भी प्रकार के वाद-विवाद के लिए न्यायालय क्षेत्र अलीगढ़, उप्र. ही होगा (प्रकाशन कार्य स्थान बदले जाने पर मौजूदा जिला/क्षेत्रीय न्यायालय)। 

लेखकों के लिए –

पांडुलिपि प्रेषण/स्वीकृति के साथ ही प्रत्येक लेखक को अनुबंध के साथ-साथ निम्न शर्तें स्वीकारनी होंगी-

  1. किसी भी लेखक का यह पूर्ण हक़ नहीं कि पाण्डुलिपि भेजने के बाद उसकी क़िताब को प्रकाशन अवश्य प्रकाशित ही करे.

  2. प्रकाशन के पास इस बात का पूर्ण अधिकार है कि वह आपकी क़िताब का प्रकाशन करने से इंकार कर दे.

  3. लेखक को प्रकाशन के साथ संयमित व्यवहार करना होगा. किसी भी प्रकार की अनावश्यक/मिथ्या/द्वेषपूर्ण टिप्पणी पर प्रकाशन लेखक के खिलाफ़ अपने विवेकानुसार कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र है.

  4. किसी प्रकार के सवाल/सुझाव/समस्या के लिए लेखक वर्ग 7017993445 पर कॉल या Whatsapp कर सम्पर्क कर सकता है. प्रकाशन के ईमेल rajmangalpublishers@gmail.com या sampadak[at]rajmangalpublishers.in पर भी सम्पर्क किया जा सकता है.

  5. किसी भी शंका के लिए उक्त पर सम्पर्क कर समाधान प्राप्त कर लें, बाद में यह ना कहें कि उन्हें इस विषय में पता नहीं था. ज़रूरी नहीं कि प्रकाशन आपको बिना पूछे हर बात बताए.

  6. किसी भी प्रकार की देय राशि अप्रतिदेय(non-refundable) होगी. जो किसी भी स्थिति में वापिस नहीं की जाएगी.

  7. समय/स्थिति अनुसार समय-समय पर अनुबंध के किसी भी बिंदु को बदला या नया बिंदु जोड़ा जा सकता है। इसकी सूचना आपको मेल द्वारा मिल जाया करेगी। आपको प्रकाशन से जुड़े रहने के लिए नये अनुबंध को स्वीकारना आवश्यक होगा। यदि आप उस नये अनुबंध से सहमत नहीं हैं, तो इन शर्तों के प्रभाव में आने से पहले ही प्रकाशन से अलग हो सकते हैं/उत्पादों और सेवाओं का उपयोग बंद कर सकते हैं। इस स्थिति में प्रकाशन आपको किसी भी प्रकार के हर्जाना/धनराशि देने का अधिकारी नहीं होगा। अनुबंध भेजने पश्चात आप द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जाता है तो उस अनुबंध को ‘स्वीकार हुआ’ माना जायेगा।

  8. किसी भी प्रकार के वाद-विवाद के लिए न्यायालय क्षेत्र अलीगढ़, उप्र. ही होगा (प्रकाशन कार्य स्थान बदले जाने पर मौजूदा जिला/क्षेत्रीय न्यायालय)। 

पाठकों के लिए –