“उनके लिए” कविता संग्रह के माध्यम से मैंने हर उस व्यक्ति के मन के भावों को समेटने का प्रयत्न किया है जो “स्व” से पहले अपनों को रखता है फिर चाहे वो स्त्री हो या पुरुष। हम सभी ये जानते हैं कि समर्पण ही वो चाबी है जो हर बंद दरवाजा खोल सकती है, चाहे रिश्ते हों, मंजिल हो या फिर हमारी चाहतें। समर्पण के माधयम से ही हम वो सब हासिल कर सकते हैं जो हम चाहते हैं, और जिसे हम चाहते हैं।
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डॉ. रेखा गर्ग सोलंकी का जन्म भिंड जिले रमा गॉव में हुआ एवं प्रारंभिक शिक्षा भी वहीं हुई। उसके बाद की सम्पूर्ण स्कूल शिक्षा बिलासपुर की पेण्ड्रा रोड एवं करगीरोड तहसील में हुई। उन्होंने स्नातक विज्ञान विषय से गवर्मेंट आर्ट्स कॉमर्स एंड साइंस कॉलेज करगी रोड कोटा और स्नातकोत्तर डिग्री भौतिक शास्त्र विषय से गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी बिलासपुर से प्राप्त की। भौतिक शास्त्र विषय में एम फिल डिग्री एवं पीएचडी डिग्री जीवाजी यूनिवर्सिटी ग्वालियर से प्राप्त कीं। वर्तमान में आप डॉ. हरीसिंह गौर वि. वि. सागर में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। कॉलेज से लेखन में रूचि होने के कारण, कई कविता पाठ एवं निबंध लेखन में प्रतिभागी रहीं। आपने कविता संग्रह ‘उनके लिए’ उन सभी लोगों को समर्पित किया है जो उनकी इस यात्रा के साथी और सहयोगी रहे हैं।

