केशव शुक्ल का यह कविता संग्रह 'उम्मीद' और 'सच्चाई' नामक दो ध्रुवों के बीच झूलती मानवीय संवेदनाओं और दैनिक जीवन की जटिलताओं को खूबसूरती से शब्दों में पिरोता है। यदि आप उन भावनाओं को शब्दों में ढूँढ रहे हैं जो अक्सर अनकही रह जाती हैं, तो यह कृति आपके लिए एक अनिवार्य और मन को छू लेने वाली यात्रा होगी।
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श्री केशव राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, मूलतः लखनऊ से हैं और वर्तमान में पुणे में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। आपको बचपन से ही साहित्य में गहन रुचि रही है और आप हिंदी तथा अंग्रेजी में कविता लेखन करते हैं। आपकी कविताओं का पहला संग्रह "अनर्गल और अनायास" वर्ष 2025 में प्रकाशित हुआ। इसके अलावा, आप पुणे क्षेत्र में काव्य मंच प्रदर्शनों में भी सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं।
Ummeed Se Sachchai Tak
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