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हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में प्रवक्ता (हिन्दी) के पद पर कार्यरत, वरिष्ठ हिन्दी लेखक देवेन्द्र कुमार शर्मा का जन्म हिमाचल प्रदेश के शिमला जनपद में विश्व-प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चायल के निकट छोटे से सुरम्य गाँव पपलोआ (डुबलू) में 15 दिसंबर, 1967 को हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा गाँव में ही हुई, जबकि उच्च कक्षाओं का नियमित अध्ययन स्नातक (प्रथम वर्ष) में ही गरीबी की भेंट चढ़ गया। तरक्की के सारे रास्ते बंद होने और लोगों द्वारा उपहास का पात्र समझे जाने के बावजूद अपनी अंतर्निहित शक्ति पर विश्वास करते हुए अथक परिश्रम से हिन्दी में एम.फिल (M.Phil) की उपाधि अर्जित की। 1985 में आकाशवाणी शिमला से लोक-कवि के रूप में जुड़ने का अवसर भी इन्हें मिला तथा साथ ही विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से साहित्य सृजन का कार्य भी उसी समय आरंभ हो गया था। जीवन के विभिन्न उतार-चढ़ावों का सामना करते हुए विगत दो दशकों से हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग में प्रवक्ता (हिन्दी) के पद पर कार्यरत हैं। हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू, पंजाबी और पहाड़ी भाषाओं पर समान अधिकार रखने वाले कवि की इससे पहले दो पुस्तकें- कबीर एवं तुलसी की प्रेम साधना (शोधकार्य) तथा झरोखे से झलक (कहानी संग्रह) प्रकाशित हो चुकी हैं। जबकि सात विद्यालय पत्रिकाओं के प्रधान संपादक के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

