आप अपनी निजी ज़िन्दगी में या अपने कार्यस्थल पर कई बार सहम जाते हैं कि फलाना कार्य असंभव है। मैं कहना चाहूँगा कि इस धरती पर कोई भी कार्य असंभव नही है। आप उसे किसी भी हाल में सम्पन्न करने हेतु ठान लें।
आप में से बहुत लोग एकादशी का व्रत करते होंगे, इसीलिए कि आपके जीवन से सारे दुख एवं कठिनाई दूर हो। मैं आशा करता हूँ कि यह प्रेरणात्मक पुस्तक (सफलता के ग्यारह-अध्याय) आपके निजी जीवन में या आपके कार्यस्थल की सारी कठिनाईयों को दूर करे। मैं यह भी आशा करता हूँ कि आज की भाग-दौड़ वाली स्थिति मे, यह छोटी-सी ग्यारह अध्यायों वाली पुस्तक, आपके जीवन को उज्ज्वल बनाए।
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श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय, भारत सरकार के ई.एस.आई.सी (ESIC - कर्मचारी राज्य बीमा निगम) में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत, वरिष्ठ हिन्दी लेखक गंवरू प्रमोद (प्रमोद कुमार) पटना, बिहार से ताल्लुक रखते हैं। प्रमोद जी विशेष तौर पर समसामयिक विषयों पर लेख लिखते रहते हैं। कविता एवं कहानी लेखन में भी इनका विशेष योगदान रहा है। प्रमोद जी किसी कार्य को समय सीमा के अंदर कैसे सम्पन्न किया जाए, ऐसे विषयों पर लोगों को सलाह भी देते हैं। प्रमोद जी एक प्रेरक वक्ता के तौर पर पहचाने जाते हैं।

