इस ‘लुका-छुपी’ पुस्तक में मौजूदा समाज के छः विभिन तरह की हैरतंगेज़ कहानियाँ लिखी गई हैं, जो अतीत से लेकर वर्तमान... और वर्तमान से लेकर भविष्य में घट चुकी घटनाओं, घट रही घटनाओं या घटनेवाली सच्ची धटनाओं पर आधारित हैं, जो वास्तविक होते हुए भी किसी तरह से वास्तविक नहीं, बल्कि पूरी तरह काल्पनिक हैं, परन्तु फिर भी इसके अंदर की घटनाएँ आपको कहीं न कहीं घटती ज़रूर ही नज़र आ जाया करेगी।
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‘लुका-छुपी’ के लेखक विवेक आशुतोष ने बनारस हिन्दू वि.वि. से परा-स्नातक में भाषाविज्ञान एवं स्नातक में अँग्रेज़ी ऑनर्स के साथ, भूगोल का अध्यन करने के साथ ही साथ उर्दू, फ्रांसीसी और रसियन भाषा का भी अध्यन किया है। पिछले साल नवंबर में ‘प्रिन्सेपस पब्लिकेशन’ से ‘आइन्स्टीन की गुफ़्तगू’ नाम की पुस्तक का भी प्रकाशन हुआ है, जिसमें ‘कविताओं का संग्रह’ अल्फ़ाज़ों के धागों में पिरोकर पन्नों में उतारा गया है। इसके आलावा साइंस फिक्शन; मनोवैज्ञानिक; थ्रिलर एवं जासूसी कहानियाँ लिखने-पढ़ने में दिलचस्पी रखने के साथ कविताओं एवं अन्य प्रकार की सामाजिक-राजनीतिक कहानियाँ भी लिखते-पढ़ते हैं। ‘कृष’ मूवी से प्रेरित होकर ‘अमेज़िंग कृष’ नाम की सुपरहीरो की कहानी भी लिखी है।

