अक्सर, ज़िन्दगी एक किरदार से ज़्यादा और कुछ नहीं होती हैI हम सब समय और परिस्थितियों के अनुसार अपना-अपना किरदार निभाने कि कोशिश करते रहते हैंI एक इंसान के अंदर कई किरदार छुपे होते हैं, जो वक़्त आने पर अपनी अदाकारी दिखाते हैंI मेरे अपने अंदर भी मैंने ऐसे कई किरदार देखे हैं, "अरल" उनमें से एक हैI
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इस कविता संग्रह के लेखक डॉ. अच्छेलाल पासी (MBBS, MD) जी एक सार्वजनिक आरोग्य विशेषज्ञ (Public Health Specialist) हैं और भारत सरकार के अधीन कार्यरत हैं। “डॉ अच्छेलाल पासी” जी का जन्म, पालन- पोषण एवं शिक्षा-दिक्षा मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ है। आप ने एम. बी. बी. एस. और एम. डी. की शिक्षा सेठ जी. एस. मेडिकल कॉलेज एंड के. ई. एम. हास्पिटल, मुंबई से पूरी की है। आप ने स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ हास्पिटल एवं मानव संसाधन प्रबंधन में भी डिप्लोमा किया है। आप को WHO, UNICEF और ICMR के साथ भी काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। आप एक निष्ठावान कर्मचारी एवं मानव सेवा के लिए सदैव तत्पर एक कुशल व्यवस्थापक होने के साथ-साथ एक कोमल हृदय एवं कवि भी हैं।

