"कृष्ण, मैं और मेरा सनातन " पुस्तक को लिखने का मेरा एक मात्र उद्देश्य जनसाधारण में इस तथ्य का प्रचार प्रसार करना है कि यदि आप गृहस्थ जीवन में रहकर भी श्री कृष्ण या अपने आराध्य का आह्वान करेंगे तो अवश्य ही वे आपको अपने होने का अहसास कराएंगे। नई नई उभरती लेखिका तान्या सिंह का जन्म 21 जुलाई 2001 में उत्तरप्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में कंपिल नामक एक छोटे कस्बे में हुआ था। इनके पिता का नाम अजयवीर सिंह तथा माता का नाम रेखा सिंह है। पिता पेशे से अध्यापक हैं तथा मां एक कुशल ग्रहणी हैं। तान्या प्रारंभ से ही एक शांत स्वभाव की होनहार छात्रा थीं क्योंकि इनकी प्रारंभिक गुरु सिर्फ इनकी माता ही नहीं इनके दादा जी भी थे। इनकी प्रारंभिक शिक्षा यूपी बोर्ड इलाहबाद से हुई इसके पश्चात आगरा यूनिवर्सिटी से इन्होंने स्नातक(B.Sc) तथा परस्नातक(M.Sc- Physics) की डिग्री ली। स्वभाव से जिज्ञासु होने के कारण लेखिका को प्रारंभ से ही नई नई चीजें सीखने और पुस्तकें पढ़ने का शौक रहा तथा रवींद्रनाथ टैगोर कृत गीतांजलि से प्रभावित होकर तान्या ने कविताएं तथा विचार लिखना प्रारंभ कर दिया।
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