पेशे से एक कुशल नेत्र चिकित्सक एवं फेको सर्जन (Ophthalmologist & Phaco Surgeon), डॉ. दीप्ति पटेल (MBBS, DOMS) का जन्म खरगोन, मध्यप्रदेश में हुआ था। अपनी माताजी के सपने को पूरा करने के लिए डॉक्टर तो बन गई, किन्तु मन में कहीं ना कहीं ख़ुद को असंतुष्ट पाती रहीं। कुछ सालों बाद अहसास हुआ कि आत्मा को आनंद तो पढ़ने और लिखने में ही मिलता है, तो बचपन के इस शौक़ को पुनर्जीवित करने का विचार किया। भावनात्मक स्तर पर सोचने की आदत के कारण ख़ुद को इस दुनिया में थोड़ा मिसफ़िट पाती थीं। अतएव अपनी भावनाओं को सकारात्मक स्वरूप देने के लिए कविताएँ लिखना शुरू किया और इस तरह इस पुस्तक की शुरुआत हुई। डॉ. दीप्ति गुलज़ार साहब को अपना प्रेरणा स्त्रोत मानती हैं, इनके लेखन में इसकी झलक स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती है। इनके अलावा अमृता प्रीतम, निदा फ़ाज़ली, बशीर बद्र, राहत इंदौरी एवं साहिर लुधियानवी आदि इनके पसंदीदा लेखक/शायर हैं। मूलतः हिन्दी साहित्य को पसंद करती हैं। अंग्रेज़ी साहित्य में Paulo Coelho और Ruskin Bond को पढ़ना पसंद है। डॉ. दीप्ति वर्तमान में अपने पति डॉ. राजेश पटेल (Urologist) तथा दो सुपुत्रियों अरात्रिका और अक्षिता के साथ जबलपुर (म. प्र.) में रहती हैं।
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