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युवा हिन्दी निबन्ध एवं कहानीकार सौरभ मिश्र का जन्म उ.प्र. राज्य के वाराणसी जनपद में हुआ था। इनके बाबा (पितामह) कीर्ति शेष पंडित राजमणि मिश्र एक सुयोग्य साहित्य सेवी रहे एवं पिता डॉ. अनुराग मिश्र कई वर्षों तक रसायन विज्ञान प्रवक्ता के रूप में सेवारत रहते हुए फ़िलहाल इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य के पद पर आसीन हैं। सौरभ मिश्र ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से स्नातक करने के बाद काशी/वाराणसी के लब्ध स्वायत्तशासी संस्था उदय प्रताप पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से राजनीति विज्ञान में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की है। इन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से प्रयोजनमूलक हिन्दी पत्रकारिता क्षेत्र में योग्यता हासिल कर इस क्षेत्र में लिखने-पढ़ने का सफल कार्य भी किया है। सौरभ जी बैचलर ऑफ़ एजुकेशन (B.Ed) की डिग्री प्राप्त कर शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी योग्यता का परिचय देने में सतत क्रियाशील हैं। इनकी साहित्यिक अभिरुचि एवं समाज सेवा करने की ललक से काशी की जनता इन्हें अच्छी तरह पहचानती है। उदीयमान निबंधकार एवं कहानीकार के रूप में साहित्यिक अभिरुचि रखते हुए कई वर्षों से अपना सफल योगदान देते चले आ रहे हैं। नैसर्गिक क्षमता इनके मूल में है तथा बचपन से ही साहित्यिक पारिवारिक पृष्ठभूमि से प्रभावित हो लेखन कार्य के प्रति उन्मुख होकर लेख, कहानी एवं निबंध लिखना इनकी नियति बन गई है। काशी को गहराई से अध्ययन करते हुए ये समसामयिक राजनीतिक विषयों पर भी अच्छी समीक्षा करते रहते हैं।

