‘हमारी जीवनयात्रा’ कविता संकलन में जीवनयात्रा के विभिन्न आयामों, जन्म, बचपन, यौवन, बुढ़ापा, मृत्यु और पुनर्जन्म का दार्शनिक चित्रण किया गया है। जीवन के इन पड़ावों का कविता के माध्यम से खट्टा मीठा अनुभव कराना ही इस कविता संकलन का लक्ष्य है।
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श्री जयप्रकाश अग्रवाल का जन्म 11 अगस्त, 1953 को पटना में हुआ। आपकी प्रारंभिक शिक्षा भागलपुर में हुई। वर्ष 1978 में भागलपुर विश्वविद्यालय से विद्युत इंजीनियरिंग में स्नातक होने के बाद आप नौकरी में लग गए।आपने आयल इंडिया लिमीटेड और गेल इंडिया लिमीटेड में करीब 33 वर्ष नौकरी की और उप महाप्रबंधक के पद से अगस्त २०१५ में अवकाश ग्रहण किया। २०१५ से आप स्वतंत्र तकनीकी सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं। कविता के प्रति आपका रुझान प्रारंभ से ही रहा है। एक इंजीनियर होने के बावजूद साहित्य में आपकी रुचि सदा रही है। आपकी कवितायेँ विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं। रघुवीर सहाय, मुक्तिबोध, धूमिल ,और दुष्यंत कुमार आपके पसंदीदा कवि हैं। 2 आप की रूचि इतिहास, धर्म, दर्शन, अध्यात्म, आदि विषयों में है। ‘हमारी जीवनयात्रा’ आपका प्रथम कविता संग्रह है। आपकी अन्य गद्य पुस्तक "तुलसीकृत रामायण से सीख” और कविता की पुस्तक “प्रकृति का मलहम” शीघ्र प्रकाशित होने वाली है।

