इस यात्रा पर आप लोगों का स्वागत करता हूँ। बात तब की है जब मेरा जीवन उलझनों से जूझ रहा था, ख़ुशियों और लोगों से मेरा नाता पूरी तरह टूट चुका था। मैं अंधेरों में घुली हुई रातों को जागता और सूरज का पहला प्रकाश गिर जाने तक करवटें बदलता रहता, सोच में डूबा रहता। उन दिनों मैं उस इंसान की तरह महसूस कर रहा था, जो रेगिस्तान के बीचो बीच भटक जाता है, गुम हो जाता है। उसे दूर-दूर तक रेत के अलावा कुछ और नज़र नहीं आता। बस उम्मीद लगाए रहता है कि उसको रास्ता मिल जाए, अपनी मंज़िल तक पहुँचने का।
--
बरेली के शौर्य कटिहा ने अपनी अभिनय, डांस, लेखन की प्रतिभा को पंख देने के लिए १६ वर्ष की आयु से ही काम करना आरम्भ किया। शुरूआती दिनों में लखनऊ, बरेली, दिल्ली जैसे शहरों में नुक्कड़ नाटक किये। साथ ही गुरुग्राम में 'शामक डावर' संस्थान से वेस्टर्न डांस सीखने के बाद २०१० में दिल्ली में आयोजित हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले कार्यक्रम 'कॉमन वेल्थ गेम्स' में डांसर के रूप में हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने कुछ साल वेस्टर्न डांस इंस्ट्रक्टर के रूप में भी काम किया है। फिर अपनी प्रतिभा को नयी ऊँचाइयों तक पहुंचाने के लिए वे २०११ में ग्लैमर सिटी मुंबई पहुंचे। यहाँ नुक्कड़ नाटकों में हिस्सा लेने के साथ-साथ शौर्य ने कुछ टीवी धारावाहिकों में अभिनय किया और साथ में फिल्म 'The Bhai' में अभिनेता के रूप में काम किया। मिर्ज़ापुर के साथ उन्होंने वेब सीरीज़ और फिल्मों की कास्टिंग में बड़ी भूमिका निभाई है। वर्तमान में स्क्रिप्ट राइटिंग के साथ अपनी पुस्तकों के लेखन में व्यस्त हैं। इसके चलते शौर्य ने अपनी पहली पुस्तक 'गहरा शिखर' के माध्यम से पाठकों को अपने बेहद रोचक अनुभवों और वृतांतों से रूबरू कराया है।

