'देवी कथा भावामृत' नामक यह पुस्तक भक्तों के लिए साक्षात मां भगवती का आशीर्वाद है, जिसमें देवी की लोक कल्याणकारी कथा का गान बड़े ही सुन्दर तरीके से किया गया है। 'सदा प्रसन्न व्यास' जी द्वारा विरचित इस काव्य ग्रंथ का न कि केवल धार्मिक महत्व है बल्कि यह साहित्य की दृष्टि से भी पूर्णतया नूतन एवं उत्कृष्ट ग्रंथ है। इस पुस्तक में 'दुर्गा सप्तशती' की लोक मंगलकारी अतिपावन कथा का गान सरल हिंदी में पूर्णतया मौलिक तरीके से किया गया है, जो साहित्य जगत में आज से पहले कभी नहीं रचा गया है। इसके अलावा कई भिन्न सुंदर भावपूर्ण स्तुतियां संस्कृत और हिंदी में भी की गई हैं, जो भक्तों को भावविभोर कर देंगी। कम शब्दों में देवी भक्तों के लिए इस ग्रंथ का महत्व 'रामचरितमानस' से कम नहीं है। आप सभी भक्तजन इस पवित्र ग्रंथ का अध्ययन करें और विश्व में भी इस ग्रंथ का प्रचार करके देवी की महिमा का विस्तार करें।
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