रवि राय का जन्म और प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा बोकारो इस्पात नगर, झारखण्ड में हुई। लगभग ११ वर्ष की आयु से ही काव्य रचना में लिप्त रहे। उन्होंने जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक और आई.आई.टी वाराणसी से पीएच.डी की उपाधि अर्जित की है। वर्ष २०११ से थापर इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला में कार्यरत रवि जी अभी सह प्राध्यापक के पद पर हैं। उन्होंने अकादमिक जीवन में कई बार देश-देशांतर की यात्राएँ की हैं और एक वर्ष ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन, आयरलैंड में वरिष्ठ शोधार्थी के रूप में बिताया है। प्रस्तुत कविता संग्रह मुख्यतः छंदबद्ध गीतों का संकलन है जो विगत दो दशकों के दौरान लिखे गए हैं। संग्रह की लगभग आधी रचनाएँ देवनागरी में लिखी उर्दू या हिंदी ग़ज़ल की शैली में लिखी गयी हैं जिन्हें ‘ग़ज़ल व नज्म’ नामक भाग में रखा गया है। अधिकतर प्रगीतधर्मी रचनाओं में छायावाद और व्यक्तिवाद का पुट स्पष्ट है।
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