परिस्थितियों की संवेदनशीलता को समझना, शब्दों का चयन करना और उनका एक क्रमबद्ध तरीके से कविता का रूप देना बहुत ही कठिन कार्य है। यह कार्य कुमार सचिन की कविताओं में दिखता है। पढ़ने योग्य उत्कृष्ट कविताएँ हैं। - डॉ. आनंद रंगनाथन (लेखक और वैज्ञानिक)
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कुमार सचिन, वर्तमान में सीमा शुल्क विभाग में अधीक्षक के पद पर मंगलुरु सीमा शुल्क में कार्यरत हैं। इनका जन्म बिहार के सारण जिला के छपरा शहर में हुआ है। गणित से स्नातक करने के बावजूद भी साहित्य में मेरी अभिरुचि है। इनकी शिक्षा-दीक्षा जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय, छपरा से हुई। कविता या अपने विचारों को लिखना शायद ये बचपन से ही चाहते थे। इनका अंतर्मुखी स्वभाव इन्हें बार-बार इस कार्य की ओर धकेलता था पर शायद ये उस धक्के को समझ नहीं पाते थे। जिन बातों को ये अपने मुख से अभिव्यक्त नहीं कर पाते थे उन्हें लिखकर सुसज्जित ढंग से अभिव्यक्त करते थे। इसी क्रम में कविता का सिलसिला शुरू हुआ जो एक से दो, दो से तीन और इस तरह करते-करते एक संग्रह तैयार हुआ जो यहाँ प्रस्तुत है।

