मेरे लिए लिखना एक तरीके का प्रयोग है जिससे मैं ख़ुद को जानने व अपने इर्द-गिर्द को समझने की कोशिश करता हूँ। एक कविता पूरी लिखना एक बड़ा ख़ूबसूरत व सुखद एहसास है। एक पूरी कविता मुझे पूरा करती है। मैं जितना लिखता हूँ उतना सरल महसूस करता हूँ। मेरी जितनी भी प्यार की कविताएँ हैं, वो मेरा एक प्रयास है, उसे यकीन दिलाने का जिसकी पहचान इन कविताओं की गलियों में गुम है।
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वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर-CSIR) की घटक इकाई, केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ-CSIO) चंडीगढ़ में शोधार्थी (पीएच.डी-Ph.D), युवा हिन्दी लेखक विनय लोहचब हरियाणा के एक छोटे से गाँव बुपनिया से ताल्लुक़ रखते हैं। इनका शोध विषय बायोमेडिकल इमेज प्रोसेसिंग है जिसमें ये घुटनों की बीमारी ऑस्टियोअर्थराइटिस (अस्थिसंधिशोथ-Osteoarthritis) व घुटने बदलने के बाद मरीज़ की रिकवरी को थर्मल इमेजिंग से जाँचते हैं। विनय जी वर्ष 2016 में दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से परास्नातक की शिक्षा हासिल कर चुके हैं। इन्होंने यूजीसी-नेट, जेआरएफ़ (UJC-NET, JRF) दिसम्बर 2015, गेट (GATE) 2014 व 2015 की परीक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स साइंस विषय से उत्तीर्ण की है। साथ ही 10वीं व 12वीं कक्षा में मेरिट प्राप्त हैं।

