कभी-कभी गंभीर विपत्तियों के सामने, हम कुछ चमत्कार होने की कामना करते हैं, जो हमारी सभी समस्याओं को हल कर दें। वास्तव में, वे होते हैं, लेकिन वैसे नहीं जैसे कि हम चाहते हैं। किसी प्राकृतिक-आपदा, जैसे भूकंप या बाढ़ के समय, हम मृत्यु को देखते हैं और उसी समय कोई शिशु बिना किसी खरोंच के मलबे के नीचे से बच के निकल आता है या अत्यंत मुश्किल और विचित्र परिस्थिति में एक माँ अपने बच्चे को जन्म देती है। ये घटनाएँ चमत्कार ही लगती हैं।
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रवि रंजन गोस्वामी झाँसी (उ. प्र.) के मूल निवासी हैं। आपने बिपिन बिहारी डिग्री कालेज झाँसी से बी.एस सी.एवं आगरा कालेज आगरा से एम.एस सी.(भौतिकी) की शिक्षा अर्जित की। वर्तमान में आप भारतीय राजस्व सेवा में सहायक आयुक्त, सीमा शुल्क (निवारक) के पद पर कोचीन, केरल में कार्यरत हैं।
अष्ट योगी अत्यंत पठनीय लघु उपन्यास है। आशा है आप को अवश्य पसंद आएगा।रवि रंजन गोस्वामी की अन्य प्रकाशित पुस्तकों में नाकाम दुश्मन, लुटेरों का टीला चंबल, द गोल्ड सिंडीकेट (उपन्यास), इट सो हैपन्ड(शाॅर्ट स्टोरीस), पलायन (उपन्यास) एवं नवीन बाल कथाएँ शामिल हैं।

