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ग़ज़ल शायर के ख़ालिस जज़्बातों का नुमायाँ होती है। मौजूदा किताब आप सब पढने वालों को ज़िंदगी के हर रंग से वाबस्तगी का अहसास करवाएगी; जिनमें इश्क़ भी होगा और महबूब का हुस्न भी ; वस्ल की ज़िंदादिली भी होगी तो हिज्र की तन्हाई भी ; हालात से टूटता आदमी भी होगा और उसका फिर से सँभल जाना भी। कुल मिलाकर इस किताब में जिंदग़ी अपने पूरे रंग-ढंग में आपसे मिलेगी, देखिएगा ... !

    Mujhko Sadiyon Ke Paar Jana Hai

    SKU: RM125489
    ₹209.00Price
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